यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं; क्या आपके पैरों के अंगूठे में अचानक तेज़ दर्द होता है? सुबह उठते वक्त घुटने अकड़ जाते हैं? अगर हां, तो शायद आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है। और इस स्थिति में सबसे पहला सवाल जो मन में आता है — वो यही होता है कि ‘दाल खानी चाहिए या नहीं? भारत में दाल सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि हमारी थाली की आत्मा है। हर घर में दाल-चावल, दाल-रोटी रोज़ाना खाई जाती है। लेकिन जब यूरिक एसिड बढ़ता है, तो लोग दाल खाना छोड़ देते हैं — और यह पूरी तरह सही नहीं है।

यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं
यह जानना बेहद ज़रूरी है। क्योंकि सभी दालें एक जैसी नहीं होतीं। कुछ दालें यूरिक एसिड को बढ़ाती हैं, जबकि कुछ दालें सुरक्षित हैं और आपकी प्रोटीन की जरूरत भी पूरी करती हैं।इस आर्टिकल में हम वैज्ञानिक आधार पर, ICMR और WHO की गाइडलाइन के अनुसार, भारतीय खानपान को ध्यान में रखते हुए आपको पूरी जानकारी देंगे।
यूरिक एसिड क्या है?
यूरिक एसिड एक प्राकृतिक अपशिष्ट पदार्थ (waste product) है जो शरीर में प्यूरीन (Purine) नामक रसायन के टूटने से बनता है। यह प्यूरीन हमारे शरीर की कोशिकाओं में भी होता है और भोजन के जरिए भी आता है। सामान्य स्थिति में, यूरिक एसिड खून में घुलकर किडनी तक पहुंचता है और पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाता है।
लेकिन जब यूरिक एसिड बहुत ज्यादा बनता है या किडनी इसे ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती — तब यह जोड़ों में जमा होने लगता है। इससे गाउट (Gout), जोड़ों में सूजन और तेज दर्द होता है।
सामान्य यूरिक एसिड स्तर:
- पुरुषों में: 3.5 – 7.2 mg/dL
- महिलाओं में: 2.6 – 6.0 mg/dL
- 7 mg/dL से ऊपर: हाइपरयूरिसेमिया (Hyperuricemia)
यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य कारण
- हाई प्यूरीन फूड का अधिक सेवन (लाल मांस, समुद्री भोजन)
- अधिक शराब पीना, विशेष रूप से बीयर
- शरीर में पानी की कमी (Dehydration)
- किडनी का ठीक से काम न करना
- मोटापा और इंसुलिन प्रतिरोध
- कुछ दवाइयां जैसे Aspirin, Diuretics
- अनुवांशिक कारण (Family History)
- फ्रुक्टोज़ युक्त पेय पदार्थों का अधिक सेवन
दाल और यूरिक एसिड का संबंध — Purine की अवधारणा
दालों में प्रोटीन के साथ-साथ प्यूरीन (Purine) भी होता है। जब हम प्यूरीन युक्त भोजन खाते हैं, तो शरीर उसे तोड़कर यूरिक एसिड बनाता है।
लेकिन यहाँ एक ज़रूरी बात है — सभी दालों में प्यूरीन की मात्रा अलग-अलग होती है। कुछ दालों में प्यूरीन बेहद कम होता है, कुछ में मध्यम और कुछ में अधिक।
प्यूरीन की तीन श्रेणियां:
- Low Purine: 0–50 mg/100g — यूरिक एसिड मरीजों के लिए सुरक्षित
- Moderate Purine: 50–150 mg/100g — सीमित मात्रा में लें
- High Purine: 150+ mg/100g — जितना हो सके परहेज करें
PubMed पर प्रकाशित शोध (2022) के अनुसार, vegetable-based purines (जैसे दालों में) शरीर में उतना यूरिक एसिड नहीं बढ़ाते जितना animal-based purines (मांस, मछली) बढ़ाते हैं। इसलिए दालों पर पूरी तरह पाबंदी लगाना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।
यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं — मुख्य जानकारी

यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं — यह जानने के लिए नीचे दी गई जानकारी ध्यान से पढ़ें:
✅ A. Low Purine दालें — सुरक्षित दालें
अगर आपका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है, तो इन दालों को आप सीमित मात्रा में खा सकते हैं:
| दाल का नाम | प्यूरीन (mg/100g) | यूरिक एसिड पर असर | सेवन की सलाह |
| मूंग दाल (छिलका) | 25–40 mg | बहुत कम | रोज़ खा सकते हैं |
| मसूर दाल | 40–55 mg | कम | सप्ताह में 4-5 बार |
| मूंग दाल (धुली) | 25–35 mg | बहुत कम | रोज़ खा सकते हैं |
| उड़द दाल (कम मात्रा) | 50–70 mg | मध्यम-कम | सप्ताह में 2-3 बार |
⚠️ B. Moderate Purine दालें — सीमित मात्रा में
इन दालों को थोड़ी मात्रा में खाया जा सकता है — लेकिन रोज़ाना नहीं:
| दाल का नाम | प्यूरीन (mg/100g) | यूरिक एसिड पर असर | सेवन की सलाह |
| चना दाल | 65–80 mg | मध्यम | सप्ताह में 2-3 बार |
| राजमा (Kidney Beans) | 70–100 mg | मध्यम | सप्ताह में 1-2 बार |
| काला चना | 60–85 mg | मध्यम | सप्ताह में 2 बार |
| सोयाबीन | 80–100 mg | मध्यम-अधिक | बहुत कम मात्रा में |
❌ C. High Purine दालें — परहेज करें
यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं — इस सवाल का जवाब देते हुए हम स्पष्ट करते हैं कि इन दालों से यूरिक एसिड के मरीजों को बचना चाहिए:
| दाल/फली का नाम | प्यूरीन (mg/100g) | यूरिक एसिड पर असर | सलाह |
| अरहर/तुअर दाल | 100–130 mg | अधिक | जितना हो सके avoid करें |
| मटर (सूखी) | 95–120 mg | अधिक | परहेज करें |
| लोबिया | 80–110 mg | अधिक | बहुत सीमित |
| स्प्राउट्स (अंकुरित दालें) | ज़्यादा (2x बढ़ जाता) | बहुत अधिक | बिलकुल नहीं |
यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं — Portion Guidance
सिर्फ दाल का प्रकार ही नहीं, उसकी मात्रा भी बहुत महत्वपूर्ण है। ICMR के अनुसार, यूरिक एसिड के मरीजों को प्रतिदिन 30–40 ग्राम पकी हुई दाल (लगभग 2 बड़े चम्मच) से शुरुआत करनी चाहिए।
- मूंग दाल: 1 कटोरी (150ml) प्रतिदिन — सुरक्षित
- मसूर दाल: 1 कटोरी — सप्ताह में 4-5 बार
- चना दाल: आधी कटोरी — सप्ताह में 2-3 बार
- अरहर दाल: यदि खानी है तो बहुत कम — सप्ताह में 1 बार से ज्यादा नहीं
- अंकुरित दालें (sprouts): बिलकुल नहीं
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यूरिक एसिड के मरीजों के लिए दाल खाने के सही तरीके
यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं — यह जानने के साथ-साथ दाल बनाने का तरीका भी मायने रखता है:
- दाल को पकाने से पहले 4-6 घंटे पानी में भिगोएं — इससे 20-30% प्यूरीन कम हो जाता है।
- जिस पानी में दाल भिगोई है, उसे फेंक दें — वह प्यूरीन से भरा होता है।
- दाल को उबालते समय पहला उबाल आने पर पानी बदल दें — इससे अतिरिक्त प्यूरीन निकल जाता है।
- तड़के में ज्यादा तेल, घी या मसालों का उपयोग न करें।
- दाल के साथ खूब पानी पिएं — कम से कम5 से 3 लीटर प्रतिदिन।
- दाल के साथ हरी सब्जियां (लौकी, तोरई, पालक कम मात्रा में) खाएं।
- एक ही समय पर बहुत अधिक दाल न खाएं — थोड़ी-थोड़ी मात्रा में दिन में बांटें।
किन दालों से बचना चाहिए और क्यों?
यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं — इस प्रश्न का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है परहेज की दालें। आइए जानते हैं क्यों कुछ दालों से बचना ज़रूरी है:
❌ अरहर/तुअर दाल
यह भारत की सबसे लोकप्रिय दाल है लेकिन इसमें प्यूरीन की मात्रा अधिक होती है। यूरिक एसिड बढ़ा होने पर इसका नियमित सेवन जोड़ों में क्रिस्टल जमा होने की गति बढ़ा सकता है। अगर खानी ही हो तो सप्ताह में एक बार और आधी कटोरी से ज्यादा नहीं।
❌ अंकुरित (Sprouted) दालें
अंकुरण की प्रक्रिया में दाल के अंदर purine की मात्रा लगभग दोगुनी हो जाती है। इसलिए स्प्राउट्स — चाहे मूंग के हों, चने के या मोठ के — यूरिक एसिड के मरीजों के लिए बिलकुल उचित नहीं हैं।
❌ सोयाबीन और सोया उत्पाद
सोयाबीन में प्रोटीन और प्यूरीन दोनों उच्च मात्रा में होते हैं। यह यूरिक एसिड को तेजी से बढ़ा सकता है। सोया मिल्क, टोफू और सोया chunks से भी परहेज करें।
❌ सूखी मटर (Dried Peas)
सूखी मटर में प्यूरीन काफी अधिक होती है। हालांकि ताज़ी हरी मटर थोड़ी कम नुकसानदेह होती है, लेकिन दोनों ही प्रकार सीमित मात्रा में ही लेनी चाहिए।

डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?
AIIMS दिल्ली और PGI चंडीगढ़ के रुमेटोलॉजी विभाग के अनुसार, यूरिक एसिड के मरीजों को पूरी तरह दाल बंद नहीं करनी चाहिए। इससे प्रोटीन की कमी हो सकती है जो शरीर के लिए भी हानिकारक है।
डॉक्टरों की मुख्य सलाह:
- मूंग दाल और मसूर दाल को प्राथमिकता दें।
- अरहर दाल को सीमित करें — रोज़ नहीं।
- दाल को हमेशा अच्छी तरह पकाएं और भिगोकर बनाएं।
- दिन में 2-3 लीटर पानी अवश्य पिएं — यह यूरिक एसिड को किडनी से निकालने में मदद करता है।
- यूरिक एसिड जांच हर 3 महीने में करवाएं।
- दवाइयों के साथ-साथ डाइट में बदलाव लाएं।
मिथक बनाम सच्चाई
| मिथक (Myth) | सच्चाई (Fact) |
| यूरिक एसिड में कोई दाल नहीं खानी चाहिए | मूंग और मसूर दाल सुरक्षित हैं |
| सभी प्रोटीन यूरिक एसिड बढ़ाते हैं | Plant protein कम नुकसानदेह है animal protein से |
| अंकुरित दाल (Sprouts) हमेशा हेल्दी होती है | यूरिक एसिड में sprouts बहुत हानिकारक हैं |
| दाल से परहेज करने पर यूरिक एसिड ठीक हो जाएगा | पानी, दवा और जीवनशैली भी उतनी ज़रूरी है |
| मसूर दाल से गाउट बढ़ता है | मसूर दाल moderate purine, सीमित मात्रा में ठीक है |
7 दिन का सैंपल डाइट प्लान (यूरिक एसिड के मरीजों के लिए — भारतीय भोजन)
यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं — इसे व्यावहारिक रूप देने के लिए यह 7-दिन का प्लान देखें:
| दिन | सुबह | दोपहर | शाम/स्नैक | रात |
| सोमवार | दलिया + सेब | मूंग दाल + रोटी + लौकी | नारियल पानी | मसूर दाल + चावल |
| मंगलवार | ओट्स + अमरूद | मसूर दाल + चपाती + तोरई | खीरा | मूंग दाल खिचड़ी |
| बुधवार | दही + केला | मूंग दाल + जौ की रोटी + टिंडा | नींबू पानी (बिना नमक) | मसूर दाल + रोटी |
| गुरुवार | पोहा + नारियल | चना दाल (आधी कटोरी) + रोटी + परवल | सेब | मूंग दाल + सब्जी |
| शुक्रवार | उपमा + अमरूद | मसूर दाल + चावल + लौकी | छाछ | मूंग खिचड़ी |
| शनिवार | दलिया + पपीता | मूंग दाल + रोटी + करेला | नारियल पानी | मसूर दाल + रोटी |
| रविवार | इडली + सांभर (कम) | मूंग दाल + जौ चावल + तोरई | खीरा + गाजर | मसूर दाल + रोटी |
नोट: रोज़ाना कम से कम 2.5–3 लीटर पानी पिएं। चाय, कॉफी और शराब से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
प्रश्न 1: यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं — सबसे सुरक्षित दाल कौन सी है?
उत्तर: मूंग दाल (धुली या छिलके वाली) यूरिक एसिड के मरीजों के लिए सबसे सुरक्षित दाल है। इसमें प्यूरीन की मात्रा बेहद कम (25–40 mg/100g) होती है और यह पचने में भी आसान होती है। मसूर दाल भी एक अच्छा विकल्प है।
प्रश्न 2: क्या यूरिक एसिड में अरहर दाल खा सकते हैं?
उत्तर: यूरिक एसिड में अरहर दाल (तुअर दाल) की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि इसमें प्यूरीन अधिक होता है। यदि खानी ही हो तो सप्ताह में एक बार, आधी कटोरी से ज्यादा नहीं और भिगोकर पकाएं।
प्रश्न 3: क्या यूरिक एसिड में मूंग दाल खा सकते हैं?
उत्तर: हाँ, यूरिक एसिड में मूंग दाल सुरक्षित रूप से खाई जा सकती है। यह low purine दाल है। इसे भिगोकर और ठीक से पकाकर रोज़ाना एक कटोरी खा सकते हैं।
प्रश्न 4: क्या यूरिक एसिड में चना दाल खाई जा सकती है?
उत्तर: चना दाल में moderate purine होता है। इसे सप्ताह में 2-3 बार, आधी कटोरी की मात्रा में खाया जा सकता है। अच्छी तरह भिगोकर पकाएं और खाने के साथ पानी खूब पिएं।
प्रश्न 5: क्या यूरिक एसिड में अंकुरित दालें (Sprouts) खानी चाहिए?
उत्तर: नहीं। अंकुरण की प्रक्रिया में दाल के प्यूरीन लगभग दोगुने हो जाते हैं। यूरिक एसिड के मरीजों को किसी भी प्रकार की अंकुरित दाल से बचना चाहिए।
प्रश्न 6: यूरिक एसिड में कितनी मात्रा में दाल खाएं?
उत्तर: ICMR के अनुसार, यूरिक एसिड के मरीजों को प्रतिदिन एक छोटी कटोरी (150ml) पकी हुई दाल पर्याप्त है। Low purine दालें (मूंग, मसूर) रोज़ ली जा सकती हैं, जबकि moderate purine दालें सप्ताह में 2-3 बार से ज्यादा नहीं।
प्रश्न 7: क्या यूरिक एसिड में राजमा खा सकते हैं?
उत्तर: राजमा में मध्यम से अधिक प्यूरीन होता है। यूरिक एसिड के तीव्र दौरे (acute gout attack) के दौरान बिलकुल नहीं। सामान्य स्थिति में सप्ताह में एक बार, कम मात्रा में और भिगोकर पकाने के बाद ले सकते हैं।
प्रश्न 8: दाल पकाने से पहले भिगोने से क्या फायदा होता है?
उत्तर: दाल को 4-6 घंटे पानी में भिगोने से उसका 20-30% प्यूरीन पानी में घुल जाता है। यह पानी फेंककर ताजे पानी से दाल पकाने पर यूरिक एसिड का खतरा काफी कम हो जाता है। यह एक सरल और प्रभावी घरेलू उपाय है।

निष्कर्ष (Conclusion)
यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं — इसका संक्षिप्त और स्पष्ट उत्तर यह है: सभी दालें एक जैसी नहीं हैं और यूरिक एसिड के मरीजों को दाल पूरी तरह छोड़ने की ज़रूरत नहीं है। मूंग दाल और मसूर दाल आपके सबसे अच्छे विकल्प हैं। इन्हें सही तरीके से बनाएं, सही मात्रा में खाएं और खूब पानी पिएं।
अरहर दाल और अंकुरित दालों से दूरी बनाएं। याद रखें — डाइट अकेले यूरिक एसिड को कंट्रोल नहीं कर सकती। नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण, पर्याप्त पानी और डॉक्टर की सलाह से दवाइयां लेना भी उतना ही ज़रूरी है।
📌 3-लाइन Actionable Summary
- यूरिक एसिड में मूंग दाल और मसूर दाल सुरक्षित हैं — इन्हें भिगोकर, सही मात्रा (1 कटोरी) में रोज़ खाएं।
- अरहर दाल, अंकुरित दालें और सोयाबीन से जितना हो सके परहेज करें — इनमें प्यूरीन अधिक होता है।
- रोज़ाना 2.5–3 लीटर पानी पिएं, डॉक्टर की सलाह लें और यूरिक एसिड की जांच हर 3 महीने में करवाएं।
⚠️ अस्वीकरण (Disclaimer): यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी डाइट परिवर्तन से पहले अपने डॉक्टर या पंजीकृत आहार विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।
श्रेणी: स्वास्थ्य | पोषण | यूरिक एसिड डाइट ( यूरिक एसिड में कौन सी दाल खाएं और कौन सी नहीं ) | भाषा: हिंदी, स्रोत: WHO, ICMR, PubMed, AIIMS गाइडलाइन्स (2024–2026)





